लीडर बनो और हर जगह प्रसिद्धी पाँऔ।

Write by: Chandan Jat | 14 June 17
कुछ लोग होते है जिनको हर कोई सुनने के लिए तरसता है, और कुछ लोग होते है जिनको कोई भी चुन लेता है।

इंसानों में दो तरह की ख़ुबी होती है। दोनों तरह के लोगे के बीच मामूली सा लेकीन बहुत बड़ा फर्क होता है और वह फर्क है लिडरसीप का फर्क। जिसमें लिडर बनने की काबिलीयत होती है वह किसी के अन्डर में नही रहता, वह हमेशा दुसरों को अपने अन्डर में रखता है, मुश्किल से मुश्किल से परिस्थिति का डटकर सामना करता है और ख़ुद को लिडर साबित करता है। और दुसरे तरह के लोग लिडर बनने से डरते है, ज़िम्मेदारी से डरते, अपने बल पर निर्णय लेने से डरते है और हमेशा किसी के अन्डर में ही रहते पसंद करते है।
मनुष्य जीवन एक ही है यह भी बड़े सोभाग्य से मिला है, अगर इसे ऐसे ही बरबाद कर दिया तो इसके दोषी ख़ुद ही होगे कोई और नही, किसी के अन्डर रहना बुरा नही है लेकीन यह स्वीकार कर लेना की में तो इसी लायक हु यह बुरा है।किसी के पास नौकरी करने से अच्छा है की ख़ुद दुसरों को नौकरी दो और लिडर बनो।और पुरे जिवन ऐस करो। नही तो चुनने वाले बहुत है, कोई और आपको चुन लेगा और आप उसे अमीर बनाने के लिए काम करते रहोगे। चुनाव स्वयं को ही करना होगा की आप क्या चुनते है, ख़ुद को अमीर बनते देखना या किसी और को अमीर बनते देखना। अपनी समता को पहचानो, ख़ुद से बात करो अगर लिडर बनना है तो आपको आप के अलावा कोई और लीडर नही बना सकता, क्योंकि किसी को भला क्या पड़ी है आपको लिडर बनाने की। लिडर बनाया नही जा सकता थोड़े बहुत लिडर बनने के गुण स्वयं में होने चाहीए। इसलिए अकेले में बैठकर ख़ुद से बात करो और अपने आपको पहचानो, कि में जो हु वह कोन हु, में क्या कर सकता हु, मेरे लिए बेहतर क्या है, मुझे क्या करना चाहीए। जीवन आपका है फेसला भी आपको ही करना होगा की, मुझे करना क्या है, मुझे बनना क्या है। आज आप जो फेसला करोगे, आप वही बन जाओगे यक़ीन न हो तो अपने आपके जीवन को देख लिजीए, आज आप वही हो जो आपने कुछ साल पहले बनने का फेसला किया था। और आज जो भी कार्य कर रहे हो भविष्य में केवल वही बन पाओगे। फेसला स्वयं को करना है, बाद में किसी को दोष देने से अच्छा है, आज ही निर्णय करो। जीवन आपका फेसला आपको ही करना है की कोई आपको सुने या चुने॥