​दिमाग़ पर ख़र्चा करोगे तो, हर समय मुनाफ़ा पाओगे।

Write by: Chandan Jat | 14 June 17
सोच कर सोचो तो जो भी होता है अच्छे के लिए होता है, जब होता है तब बुरा लगता है लेकीन थोड़े दिनों के बाद पत्ता चलता है की जो हुवा वह अच्छा हुवा।

जिन्हे पत्ता है इंजेक्शन लगाने से दर्द होगा वह पहले से तैयार रहेगा और दर्द को सहन कर लेगा, और जिसने जिवन में कभी इंजेक्शन नही लगवाया वह तो अचानक हुए दर्द को सहन नही कर पायेगा लेकीन उसे पत्ता है की इंजेक्शन लगवाने से दर्द होता है तो वह दर्द को सहन कर सकता है, क्योंकि उसे मालूम है इंजेक्शन लगवाने से दर्द होता है। ऐसे ही जिवन में हज़ारों वाक्य हर किसी साथ होते रहते है और जो भी कुछ अजीब होता है तो हम बौखला जाते है की ये क्या हो गया ऐसा क्यों हुवा मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुवा। ग़ौर करने पर थोड़े दिनों के बाद पत्ता चलता की जो हुवा वह सही हुवा, अच्छे के लिए हुवा। इसलिए जितना ज़्यादा हो सके अपने साथ हो सकने वाली घटनाओं के लिए तैयार रहै और डटकर सामना करे सिवाय मैदान छोड़कर भागने के या पुरी दुनीया में हल्ला मचाने के। अपनी जानकारी को बढ़ाये, जितना ज़्यादा हो सके उतना ज़्यादा पढ़े, किसी से चर्चा करे और अपनी जानकारी बढ़ाये।

किसी वस्तु या व्यक्ति के लिए परेशान रहने से अच्छा है या तो उसे हासील करलो या फिर उसे भुल जाओ।