जीतना ज़्यादा पढ़ोगे उतना ही आगे बढ़ोगे।

Write by: Chandan Jat | 15 June 17
​आगे वही बढ़ा है, जो ज़्यादा पढ़ा है। किताबें रटने से अच्छा है, उन पर अम्ल करो। हर पल कुछ नया सिखना है तो हर पल पढ़ता रहना होगा।

पढ़ने से केवल जानकारी बढ़ती है, जितनी ज़्यादा जानकारी होगी। उतना ही ज़्यादा आगे बढ़ोगे। आप काम भले कुछ भी करलो। अगर अपने आप को सफल बनाना है तो उस आपको पढ़ना होगा।

पढ़ने का मतलब यह नहीं की, कुछ भी पढ़लो और फालतू का ज्ञान बढ़ाते रहो। आपको हमेशा अपने कार्य को बेहतर बनाने के लिए पढ़ना होगा। अगर गौर से देखा जाये तो हम कुछ भी पढ़ सकते है। वह एक क़िताब हो सकती, वह एक मैग्जीन हो सकती है, जो ठिक लगे वह पढ़ सकते है। सिर्फ इतना याद रखना है की, जो पढ़े जीवन में काम आये। जो भी काम का लगे याद रख लिजीए। ओर जो समझना ज़रूरी लगे उसे समझना शुरू कर दिजीए।

दुनीया का कोई भी काम खेल ही तो है। अगर अपने काम को खेल मानोगे तो आपको वह कार्य करने आनंद आयेगा, और आप हर पल कुछ न कुछ सिखने के लिए तेयार रहेंगे। अपने काम से प्यार करो, अपने काम में मगन हो जाओगे तो आपका काम करने का तरीक़ा बदल जायेगा। अपने काम का खिलाड़ी बनना है तो हर पल कुछ न कुछ सिखते रहना ही होगा। सिखेंगे तभी जब कुछ पढ़ोगे, पढोगे तभी जब आप अपने कार्य से प्यार करोगे। और प्यार तभी कर पाओगे जब वह कार्य आपको ख़ुशी देता हो। या को अपने आपको ख़ुशी देने वाला काम किजीए, या फिर जो कर रहै हो उसी में ख़ुश रहना शुरू कर दिजीए।

सफल वही होता है जो अपने काम से प्यार करता है।
पढ़ता वही है जो सफल होना चाहता है॥