​भाग्य का ताला, मेहनत की चाबी से ही खुलता है।

Write by: Chandan Jat | 15 June 17
​भाग्य सबका अलग अलग होता है, लेकीन भाग्य सबका होता है। किसी के भाग्य में क्या लिखा है ये तो पत्ता नही, लेकीन भाग्य हमेशा मेहनत करने वालों का ही खुलता है।

भाग्य के भरोसे जो भी बैठा, बैठा ही रह गया। और भाग्य को बदलने की जिसने भी ठानी भाग्य को बदल डाला।

इस संसार का नियम है की यहा पर स्तर कुछ भी नही रहता। यह संसार पल पल बदलता रहता है, और इसके साथ ही हर चीज़ें बदलती रहती है। आपका भाग्य कब बदल जाये किसी को नही पत्ता। हो सकता है आपने कभी पहले कोशीश की और आपको सफलता नही मिली हो। लेकीन यह मान लेना ग़लत है की मेरी क़िस्मत में नही लिखा हैं। अपनी काबिलीयत को पहचानीये और कोशीश करना जारी रखिए।  
हमें केवल उतना ही मिलता है जितना हम सम्भाल सकते है। अगर ज़्यादा मिल गया तो ज़्यादा देर तक रुकेगा नही और हम मान लेते है की हमारे भाग्य में लिखा नही। हमें केवल उतना ही मिलेगा जितना हम सम्भाल सकते है, इसलिए अपने आप पर काम करे, व जो भी कमीया नज़र आये, उन्हें ठिक करे व बाद में कुछ पाने की कोशीश जारी रखें।
कमीया क्या हो सकती है।
हो सकता है धन दोलत या मान समान मिलने के बाद आपको अहंकार आ जाये,आप किसी को समझते ही नही हो, या आप धन से फ़ालतू की ऐस-मौज में उड़ाना शुरू करदे तो ऐसे में आपका भाग्य जल्दी ही बदल जायेगा, यानी धन जल्दी ही चला जायेगा। संसार के नियम के हिसाब से, भाग्य भी कभी स्तर नही रहता, हर पल बदलता रहता है, तो भाग्य को दोष देना छोड़िये व अपने आपको बदलिए। भाग्य अपने आप बदल जायेगा॥