​ज़िम्मेदारी दी नही, ली जाती है।

Write by: Chandan Jat | 17 December 17
​किसी भी कार्य को में सफल होना है तो ज़िम्मेदारी लेना शुरू कर दिजीए, सफलता मिलनी शुरू हो जायेगी

आपने कभी सोचा है, जितने भी सफल लोग है उन्होंने किसी को ज़िम्मेदारी दी नही थी। उन्होंने अपने दम पर कार्य किया और सफल हुए। किसी को ज़िम्मेदारी मत दो प्रस्थिती चाहै कैसी भी हो ज़िम्मेदारी लेना चुरू करदो, काम चाहै कितना ही बड़ा क्यों न हो अगर उसे करना चुरू कर दोगे तो वह काम अपने आप धिरे धिरे होना चुरू हो जायेगा। जब तक कार्य को करोगे नही, केवल तब तक ही वह बड़ा या मुश्किल लगता है। जब उसको करना स्टार्ट कर दोगे तब उस कार्य को आसान बनाने का तरीक़ा अपने आप ही आना शुरू हो जायेगा। हालात चाहै कैसी हो, आपके पास चाहै साधन हो या न हो सब कुछ हासील किया जा सकता है, अपनी हालात को देखकर रुक गये तो सोचते सोचते आज जो हालात है उससे ही बुरी हालात हो जायेगी। एक उदाहरण देना चाहेगा चायना में जब केएफसी पहली बार आया था तो जेक मा भी नौकरी के लिए गये थे लेकीन उन्होंने रिजेक्ट कर दिया, थोड़ी देर के लिए तो बुरा लगा होगा लेकीन उन्होंने हार नही मानी अपने आप पर भरोसा रखा और आगे बढ़ने की ज़िम्मेदारी ली। आज 'जेक मा' दुनीया के टाप लिडर है।किसी को ज़िम्मेदार ठहराया नही।