अपना सो जाता नही, जाता सो अपना नही।

अपना सो जाता नही, जाता सो अपना नही।

Motivational Blog | By: Chandan Jat | Last Update: April 16, 2020

आप क्या लेकर आये थे, जो आपको खोने डर है। जो भी पाया यही से पाया। जो भी मिला यही से मिला। तो कुछ खो देने का डर कैसा।

जो अपना है ही नही, उसे अपना मान लेना ग़लत है।

हम जो भी पाते यही से पाते है। जो भी खोते है यही पर खोते है। हम क्या लेकर आये थे जो खो देने का डर है। जो भी हासील किया यही से हासील किया।

अगर कुछ खो भी जाये तो डर कैसा। हो सकता है आपसे सँभाला नही गया होगा तभी खोया होगा। और दोष दुनीया को दे रहे है। हमने फला चीज़ को खो दिया। जो भी अगर कुछ गँवाता है तो।

अपनी ही कमज़ोरियों की वजह से। या फिर आपने भी किसी चीनकर लिया होगा।  तभी तो कुछ गया होगा। अगर आपने भी कुछ खो दिया है। तो पक्का दो कारणों के अलावा कोई तिसरा कारण नही हो सकता।

पहला सम्भालने की समता व दुसरा किसी से ज़बरदस्ती चीनने की आदत। कुछ और गँवाए इससे पहले अपनी आदत को सुधारे व अपना नुक़सान होने से बचाए॥

अगर यक़ीन न हो तो थोड़ी देर अकेले में बैठकर आत्म चिन्तन कर लिजीए हकीकत पत्ता चल जायेगी॥